by

आम आदमी पार्टी की रैली में गजेंद्र की मौत

aaprally3_650_042215045353अंतिम प्रवक्ता । आम आदमी पार्टी (AAP) की रैली में गजेंद्र की खुदकुशी के बाद दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार के बीच जांच को लेकर विबाद बढ़ गया है. नई दिल्ली जिले के डीसीपी और पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के एसएचओ को नई दिल्ली जिले के डीएम ने एक नया नोटिस भेज दिया है. नोटिस में पुलिस की इस दलील को गलत बताया गया है कि इस मामले में दिल्ली पुलिस के रोल की जांच जिलाधिकारी नहीं कर सकते.
नई दिल्ली के डीएम ने अपने नोटिस में बताया है कि दिल्ली पुलिस कानून की धारा 122 (बी) (तीन) के अंतर्गत ये साफ तौर पर कहा गया है कि अगर कोई पुलिस अधिकारी जान बूझकर कानून का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.
जिलाधिकारी ने ये भी कहा है कि डीसीपी को भेजे गए अपने जवाब में जान-बूझकर इस धारा पर कुछ भी नहीं कहा है, जिसका जिक्र क्रिमिनल कोड की प्रक्रिया 1973 में है. जवाब न देना आईपीसी की धारा 188 का भी उल्लंघन है. नोटिस में ये भी कहा गया है कि ऐसा न करने पर एसएचओ पार्लियामेंट स्ट्रीट के खिलाफ दिल्ली पुलिस एक्ट की धारा 122 और आईपीसी की दारा 186 और 188 के अंतर्गत शिकायत दर्ज कराई जाएगी
जबिक दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी और उसके नेताओं पर राजस्थान के किसान गजेंद्र सिंह को खुदकुशी और इस किसान को बचाने के पुलिस के प्रयासों में सभी तरह की बाधाएं खड़ी करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने दिल्ली सरकार की ओर से मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिए जाने को खारिज करते हुए कहा कि यह मामला उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है।
आप की ओर से पुलिस पर किसान को बचाने के लिए कुछ नहीं करने का आरोप लगाए जाने के बाद पुलिस ने प्राथमिकी में कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने सहयोग नहीं किया है। प्राथमिकी में कहा गया है, यह पूर्ण रूप से एक ऐसी घटना है जहां आप के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने व्यक्ति को खुदकुशी के लिए उकसाया तथा उन्होंने पुलिस की ओर से किए गए आग्रह की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। भारतीय दंड संहिता की धाराओं 306 (आत्महत्या के लिए उकसाने), 186 (सार्वजनिक कार्यक्रम में लोक सेवक के काम में बाधा डालना) और 34 (साझा इरादा) के तहत संसद मार्ग थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
आप की रैली में तैनात रहे पुलिस निरीक्षक एस यादव की शिकायत पर दो पृष्ठों की प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसमें कहा गया है कि दिन में करीब 12.50 बजे जब आप नेता भाषण दे रहे थे तो उन्होंने देखा कि कुछ लोग एक पेड़ की ओर देख रहे हैं और तालियां बजा रहे हैं जहां एक व्यक्ति झाड़ू लहरा रहा था। मैंने कंट्रोल रूम को सूचित किया कि तथा आप के कार्यकर्ताओं और दूसरे लोगों से कहा कि उसे उकसाए नहीं और नीचे उतारने में मदद करें। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि मंच पर मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुलिस के साथ सहयोग नहीं किया।
मामले में जांच की जिम्मेदारी अपराध शाखा को सौंपी गई है। सिंह की पृष्ठभूमि के बारे में तफ्तीश करने और वह दिल्ली क्यों आए थे, इस संबंध में जानकारी जुटाने के लिए टीम राजस्थान के दौसा में नांगल झमरवाडा गांव गई है। जांचकर्ता उनके मोबाइल फोन रिकार्ड की भी जांच कर रहे हैं कि वह दिल्ली आने के बाद किसके संपर्क में थे। उन लोगों ने घटनास्थल का भी दौरा किया और उनको बचाने की कोशिश करने वाले लोगों से बातचीत करेंगे। जांच से जुड़े एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हम पोस्टमार्टम रिपोर्ट की भी प्रतीक्षा कर रहे हैं कि फांसी पर लटकने से मौत हुई या 20-25 फुट ऊंचाई से गिरने से। घटनाक्रम के बारे में हम वीडियो की भी जांच करेंगे।