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लगातार बढ़ रही कीमतों के कारण लाखों दिल्लीवासी खाद्य असुरक्षा के दलदल में फंसे

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खाद्य सुरक्षा के मुद्दे पर कांग्रेस के दोहरे मानदंड का विरोध करने के लिए दिल्ली भाजपा ने 20 अगस्त को तालकटोरा स्टेडियम पर प्रदर्षन किया। पार्टी ने कांग्रेस सरकार पर यह आरोप लगाया कि आवष्यक वस्तुओं की कीमतों पर रोक न लगाकर वह लाखों परिवारों को लूट रही है और “खाद्य असुरक्षा“ के दलदल में उन्हें ढकेल रही है। दिल्ली में सामान्य परिवार की परेषानी को बढ़ाते हुये तथाकथित खाद्य सुरक्षा योजना के अधीन कांग्रेस सरकार ने उनके अनाज के कोटे में कटौती कर दी है। पार्टी यह मांग करती है कि खाद्य सुरक्षा योजना के अधीन अनाज पाने के हक में पर्याप्त वृद्धि की जाये जिससे कि गरीब और निम्न आय वर्ग के लोगों पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

पानी की बौछार का मुकाबला करते हुये जिसमें राश्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य श्री प्रवेष वर्मा चोटिल हो गये और उन्हें डाॅ. राममनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, हजारों भाजपा नेता और कार्यकत्र्ता भाजपा कार्यालय पर एकत्रित हुये और वहां से अपराह्न में तालकटोरा स्टेडियम तक मार्च किया। उनके हाथों में प्लेकाॅर्ड थे और वे कांग्रेस के षासन में निरंतर बढ़ती हुई कीमतों और महंगाई के खिलाफ नारे लगा रहे थे। इस अवसर पर पूर्व प्रदेष अध्यक्ष श्री विजेन्द्र गुप्ता, विधायक प्रो. जगदीष मुखी और श्री रमेष बिधूड़ी, प्रदेष महामंत्री श्रीमती षिखा राय और श्री जय प्रकाष (जे.पी.) उपस्थित थे।

एकत्रित जनसमूह को संबोधित करते हुये भाजपा दिल्ली प्रदेष अध्यक्ष श्री विजय गोयल ने कहा “प्याज की कीमत आसमान छू रही है और कांग्रेस सरकार के दावों के बावजूद कीमतों बढ़ रही हैं। जनता को सस्ती दरों पर प्याज उपलब्ध कराने के लिए भाजपा की आलोचना के बदले मुख्यमंत्री को पहले खाद्य और सिविल सप्लाई मंत्री को अपना कत्र्तव्य निभाने में असफल रहने के लिए पद से हटा देना चाहिए क्योंकि इस कारण जनता को बहुत नुकसान उठाना पड़ा है। मुख्यमंत्री को खोखले दावे करना बंद करना चाहिए और प्याज की कीमत कम करने के लिए आवष्यक कदम उठाने चाहिए।“

“जमाखोरों पर छापा क्यों नहीं डाला जा रहा है और जमाखोरी रोकने के लिए कदम क्यों नहीं उठाये जा रहे हैं? दिल्ली सरकार ने एपीएमसी के अधिकारियों के विरूद्ध कोई कार्रवाई क्यों नहीं की है जिनमें से अधिकांष कांग्रेस नेताओं द्वारा नियुक्त व्यक्ति हैं। हमारे पास यह विष्वास करने के लिए पर्याप्त कारण हैं कि प्याज की किल्लत के बहाने कांग्रेसी नेता धन इकट्ठा कर रहे हैं। इसके खिलाफ उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।“

श्री गोयल ने कहा कि पिछले वर्श भी दिल्ली सरकार ने इसी प्रकार के दावे के साथ दिल्ली अन्नश्री योजना षुरू की थी किन्तु यह योजना सफल नहीं हुई। अन्त्योदय और अन्नपूर्णा योजना का भी वही हाल हुआ। मुख्यमंत्री नई घोशणायें करने में माहिर हैं लेकिन उनके कार्य का रिकार्ड यह दिखाता है कि जब योजनाओं को लागू करने की बारी आती है तो उनकी सरकार असफल हो जाती है।

इसके अतिरिक्त प्रस्तावित खाद्य सुरक्षा योजना के कारण लाभार्थियों को मिलने वाले अनाज की मात्रा कम हो जायेगी। पहले प्रत्येक परिवार को प्रति माह 35 किलो अनाज प्राप्त करने का हक था, अब तीन सदस्यों के परिवार को 15 किलो, चार सदस्यों वाले परिवार को 20 किलो और पांच सदस्यों वाले परिवार को 25 किलो ही अनाज मिलेगा। श्री गोयल ने कहा “भाजपा खाद्य सुरक्षा विधेयक के खिलाफ नहीं है किन्तु दिल्ली में जिस तरह इसे लागू किया जा रहा है भाजपा उसका विरोध करती है। वास्तव में अन्य योजनाओं की तरह ही कांग्रेस सरकार इस योजना को भी एक झूठी योजना में तबदील कर रही है।

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