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रामलीला मैदान से छह मंत्रियों के साथ अरविंद केजरीवाल ने ली शपथ

download (1)अंतिम प्रवक्ता दिल्ली की राजनीति में नये युग का सूत्रपात करने वाले आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को राज्य के मुख्यमंत्री पद के तौर पर पद और गोपनीयता की शपथ ली और जनता को भ्रष्टाचार मुक्त शासन देने का भरोसा दिलाया। उन्होंने सत्ता में अहंकार नहीं आने देने का भी विश्वास जताया। राजस्व सेवा के पूर्व अधिकारी 45 वर्षीय केजरीवाल ने अन्ना हजारे के जन- लोकपाल आंदोलन से अलग होकर करीब एक साल पहले नयी पार्टी का गठन किया था और हाल ही में दिल्ली विधानसभा चुनावों में 70 सीटों में से 28 सीटें जीतकर आश्चर्यजनक सफलता हासिल की। केजरीवाल ने छह नये मंत्रियों के साथ ऐतिहासिक रामलीला मैदान में पद और गोपनीयता की शपथ ली जो करीब ढाई साल पहले जन लोकपाल विधेयक के लिए चलाये गये अन्ना हजारे के अभूतपूर्व आंदोलन का साक्षी बना था। केजरीवाल के साथ मनीष सिसौदिया, सोमनाथ भारती, सत्येंद्र जैन, राखी बिड़ला, गिरीश सोनी और सौरभ भारद्वाज को भी उपराज्यपाल नजीब जंग ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। अपने चिर परिचित अंदाज में शर्ट-पेंट के ऊपर नीला स्वेटर पहने केजरीवाल ने नेताओं की कुर्ता-पजामा वाली परंपरागत छवि को तोड़ा। समारोह में अन्ना हजारे और किरण बेदी को भी आमंत्रित किया गया था। हालांकि वे समारोह में नहीं आए। समारोह में उपस्थित नेताओं में भाजपा नेता हर्षवर्धन प्रमुख थे, जो नयी विधानसभा में विपक्ष के नेता होंगे। जिनकी केजरीवाल ने अच्छा व्यक्ति बताते हुए तारीफ भी की। अन्य पार्टियों के विधायकों में जदयू विधायक शोएब इकबाल भी समारोह में दिखाई दिये। ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के अवसर पर केजरीवाल ने अपने मंत्रियों, विधायकों और पार्टी कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी कि वे सत्ता के अंहकार में नहीं आएं। उन्होंने कहा कि “आप पार्टी दूसरों का घमंड तोडऩे के लिए बनी है। कहीं ऐसा न हो कि हमारा घमंड तोडऩे के लिए किसी अन्य दल को पैदा होना पड़े।ÓÓ दिल्ली विधानसभा में अगले सप्ताह होने वाले विश्वास मत प्रस्ताव का उल्लेख करते हुए आम आदमी पार्टी के नेता ने कहा कि उनकी पार्टी को विश्वास मत गिरने या पारित होने की कोई परवाह नहीं है। ”हम यहां सत्ता हथियाने नहीं आए हैं।ÓÓ उन्होंने कहा कि ”विश्वास मत प्रस्ताव में हम सफल होते हैं या असफल -अगर प्रस्ताव गिरता है तो हम फिर

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चुनाव के मैदान में उतरेंगे और जनता हमें भारी बहुमत के साथ जितायेगी।” केजरीवाल ने देश के बड़े राजनीतिक दलों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि देश की राजनीति से सबकुछ बर्बाद कर दिया था। जनता निराश हो चुकी थी, लेकिन इस चुनाव ने दिखा दिया कि ईमानदारी से चुनाव लड़ा भी जा सकता है और जीता भी जा सकता है। उन्होंने अन्ना हजारे के आंदोलन को याद करते हुए कहा कि ढाई साल पहले अन्ना ने जन लोकपाल के लिए 13 दिन तक अनशन किया था और दो साल तक अनशन, धरने, प्रदर्शन चलते रहे। लेकिन बाद में लगा कि राजनीति बदले बिना यह संभव नहीं है। आप नेता ने कहा कि ”अन्ना कहते थे कि राजनीति कीचड़ है इसमें घुसकर खुद को गंदा नहीं करना चाहिए। मैं उनसे कहता था कि कीचड़ में घुसकर ही हमें उसे साफ करना होगा। नए मुख्यमंत्री ने दिल्ली में आप की सरकार के सामने आगे की चुनौतियां स्वीकार करते हुए कहा कि यह लड़ाई दिल्ली की डेढ़ करोड़़ जनता की मदद से ही लड़ी जा सकती है। दिल्लीवासियों के नये मुख्यमंत्री ने कहा कि ”हमें इस बात का गुमान नहीं है कि हम सारी समस्याओं का समाधान रातोंरात कर देंगे। हमारे पास कोई जादू की छड़ी नहीं है कि आज सरकार बनी और आज ही सब समस्याएं हल हो जाएंगी। हमें मिलकर दिल्ली को चलाना पड़ेगा। आप नेता ने कहा कि भ्रष्ट ताकतें हमारे सामने अड़चनें लाएंगी। हमें इस तरह की खबरें भी मिल रहीं हैं। लेकिन सचाई का रास्ता कांटो भरा होता है। उन्होंने कहा कि ”फल तो हमारे हाथ में नहीं है लेकिन हे प्रभु हमें इतनी सद्बुद्धि, इतना साहस देना कि सचाई के रास्ते पर चलते रहें। केजरीवाल ने भाजपा और कांग्रेस को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद के भाजपा के उम्मीदवार रहे डॉ. हषर्वर्धन अच्छे व्यक्ति हैं लेकिन ‘मैं उनकी पार्टी के बारे में यह नहीं कह सकता। नये मुख्यमंत्री ने इन दोनों दलों समेत अन्य राजनीतिक पार्टियों के नेताओं से अनुरोध किया कि यदि उनकी अंतरात्मा उन्हें ईमानदारी के साथ देश सेवा करने के लिए कहती है, तो वे अपनी पार्टियों को भूलकर आ जाएं और मिलकर काम करें। उन्होंने कहा कि पिछले दो साल से देश में कुछ अद्भुत हो रहा है और उम्मीद जताई कि अगले पांच साल में देश फिर से सोने की चिडिय़ा कहलाएगा। केजरीवाल ने दिल्ली में सरकारी स्कूलों और सरकारी अस्पतालों की समस्याओं, जल, बिजली और सड़कों की बुरी हालत के पीछे अब तक की राजनीति को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि हम इस राजनीति को मिलकर साफ करेंगे।

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