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रिश्वत न देने पर गैंगस्टर लगाने की धमकी मई महीने में ही दे चुका था थानेदार!

इस पूरे मामले में सबसे दुर्भाग्यशाली पहलू यह है कि गाजीपुर जिल में जो आईपीएस अफसर डा. मनोज कुमार पुलिस कप्तान के रूप में बैठा है, उसने अपने दिमाग का इस्तेमाल सिर्फ निर्दोषों को फंसाने और उगाही करने की पुलिसिया प्रवृत्ति को बढ़ावा देने में लगा दिया है. खुद को खुदा समझने वाला यह पुलिस अधिकारी हर बात में लोगों को धमकाता फिरता है और वर्दी के रौब में व डंडे के जोर से हर गलत को जायज ठहराने की मानसिकता में रहता है. शायद उस आईपीएस अफसर को यह उम्मीद है कि वह ताउम्र गाजीपुर जिले का पुलिस कप्तान बना रहेगा और इस पद पर रहते हुए अपने खिलाफ उठने वाली हर आवाज को कुचल देगा. नीचे है रविकांत का मई महीने में पुलिस अफसरों को भेजा गया अनुरोध पत्र…

पूरे प्रकरण को जानने के लिए आप इस लिंक पर क्लिक करने के बाद आने वाले शीर्षकों को एक-एक कर क्लिक कर पढ़ सकते हैं… 

निर्दोष युवक पर गैंगस्टर प्रकरण

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