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राष्ट्रीय महिला आयोग को तत्काल भंग करे सरकार

राष्ट्रीय महिला आयोग को तत्काल भंग करे सरकार – विजेन्द्र गुप्ता

नई दिल्ली, 17 जुलाई।  भाजपा दिल्ली प्रदेष ने सरकार से मांग की है कि राष्ट्रीय महिला आयोग ने जिस तरह गुवाहाटी किषोरी कांड का राजनीतिकरण करके गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार किया है, उसने यह दिखा दिया है कि वर्तमान राश्ट्रीय महिला आयोग अपना दायित्व निभाने में पूर्ण रूप से नाकाम रहा है।  इसलिए वर्तमान राश्ट्रीय महिला आयोग को तत्काल प्रभाव से भंग करके एक नए पारदर्षी और जिम्मेदार महिला आयोग का गठन किया जाए।

उन्होंने कहा कि आसाम की पीड़ित नाबालिग किषोरी का मीडिया में नाम सार्वजनिक करने के अपराध में अलका लांबा पर आपराधिक मुकद्दमा कायम करके उनको सजा दिलाए।  उन्होंने यह भी सवाल किया कि जब अलका लांबा राष्ट्रीय  महिला आयोग से कोई सम्बन्ध नहीं रखती थीं, तो उन्हें किस हैसियत से जांच दल का सदस्य बनाया गया?  क्या उनकी योग्यता यही थी कि वे कांग्रेस पार्टी से सम्बन्ध रखती हैं?  क्या महिला आयोग कांग्रेस पार्टी के इषारे पर कार्य करता है?

श्री गुप्ता ने कहा है कि असामाजिक तत्वों द्वारा सार्वजनिक रूप से अत्याचार की षिकार बनी किषोरी 11वीं कक्षा की छात्रा थी और उसकी उम्र इस समय 17 वर्ष है तो इस मामले को बाल न्याय अधिनियम 2000 के तहत देखा जाना चाहिए।  ऐसा न करके राश्ट्रीय महिला आयोग ने इस मामले को राजनीतिक रंग दिया और अलका लांबा को जांच दल का सदस्य बनाया।  उन्होंने गुवाहाटी से लौटने के बाद पत्रकार वार्ता आयोजित करके पीड़ित किषोरी का नाम बार-बार दोहराया और उसका भविष्य अंधकारमय कर दिया। इसका जिम्मेदार राष्ट्रीय महिला आयोग और अलका लांबा हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस सरकार हर संवैधानिक संस्था का दुरूपयोग करने पर तुली हुई है।  इसी आधार पर राष्ट्रीय महिला आयोग का राजनीतिकरण करने पर कांग्रेस पार्टी और सरकार आमादा हैं।  आयोगों और जांच एजेंसियों को सरकार और कांग्रेस पार्टी के दबाव तथा प्रलोभन से बाहर जब तक नहीं रखा जाएगा, किसी को भी न्याय मिलना मुष्किल है

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